भारत बनाम पश्चिम : AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का विकास” 0 BC से आज तक 📚 Topic Guide

From Shiksha Setu • Last Updated: February 8, 2026

प्रस्तावना (Introduction)

21वीं सदी को यदि किसी एक तकनीक के नाम से पहचाना जाएगा, तो वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) होगी। आज AI केवल तकनीक नहीं, बल्कि आर्थिक शक्ति, सामरिक क्षमता, प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक परिवर्तन का प्रमुख साधन बन चुकी है।
हालाँकि AI को एक आधुनिक अवधारणा माना जाता है, परंतु इसकी बौद्धिक जड़ें हजारों वर्ष पुरानी हैं। भारत और पश्चिम—दोनों सभ्यताओं ने अलग-अलग दृष्टिकोणों से “बुद्धि”, “चेतना”, “तर्क” और “निर्णय” की अवधारणा को समझने का प्रयास किया।
जहाँ भारत ने चेतना-आधारित और नैतिक दृष्टिकोण विकसित किया, वहीं पश्चिम ने गणितीय, यांत्रिक और वैज्ञानिक ढाँचा खड़ा किया। यही ऐतिहासिक अंतर आज AI के स्वरूप, उपयोग और नियंत्रण में भी दिखाई देता है।
यह निबंध 0 ईसा-पूर्व से आज तक भारत और पश्चिम में AI के विकास की तुलनात्मक, विश्लेषणात्मक और आलोचनात्मक समीक्षा प्रस्तुत करता है।

Overview
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Subject: General
Difficulty: Moderate
Read Time: 5 Mins